गोरखपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के बीच उसकी मूल आत्मा को बचाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तकनीक और तेजी के इस दौर में भी पत्रकारों को अपने मूल्यों से विचलित नहीं होना चाहिए, क्योंकि यही पत्रकारिता की असली पहचान है।
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को दिशा देने वाली एक जिम्मेदार शक्ति है। उन्होंने कहा कि जब खबरें तथ्यों पर आधारित और संतुलित होती हैं, तभी जनता का विश्वास मीडिया पर कायम रहता है, लेकिन यदि समाचारों में भटकाव या अतिशयोक्ति आती है तो इसका सीधा असर समाज में भ्रम के रूप में दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज सूचना का प्रसार पहले से कहीं अधिक तेज हो गया है, लेकिन इसके साथ ही अपुष्ट और भ्रामक खबरों का खतरा भी बढ़ा है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि बिना पुष्टि के खबरें प्रसारित करना न केवल पत्रकारिता के सिद्धांतों के विपरीत है, बल्कि इससे समाज में असमंजस की स्थिति उत्पन्न होती है और मीडिया की साख को भी नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी पूंजी उसका विश्वास है और इसे बनाए रखना हर पत्रकार की जिम्मेदारी है। यदि मीडिया अपनी विश्वसनीयता खो देता है, तो लोकतंत्र की मजबूती पर भी असर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि पत्रकार हर खबर को पूरी जांच-पड़ताल और जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत करें।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के हितों को लेकर संवेदनशील है और उनके कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी पहलें शामिल हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में सांसद रवि किशन, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह और महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रेस क्लब के नए पदाधिकारियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ ली।
गोरखपुर से दिया गया यह संदेश साफ तौर पर संकेत करता है कि बदलते समय में भी पत्रकारिता की असली ताकत उसकी सच्चाई, संतुलन और जिम्मेदारी में ही निहित है।
