बागपत, 7 अप्रैल 2026। शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र राष्ट्र वंदना चौक पर मंगलवार शाम प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दुकान खाली कराने पहुंची टीम के सामने एक अधिवक्ता ने विरोध में खतरनाक कदम उठा लिया। अचानक हुए घटनाक्रम में उसने अपने ऊपर डीजल उड़ेल लिया और स्थिति को और तनावपूर्ण बनाते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी उसकी चपेट में ले लिया। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते संभावित बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के मुताबिक यह मामला वर्षों पुराने किरायेदारी विवाद से जुड़ा हुआ है। संबंधित दुकानें शहनाज खुसरो की बताई जाती हैं, जिन्हें दशकों पहले सोमनाथ को किराए पर दिया गया था। समय के साथ विवाद बढ़ता गया और मामला प्रशासनिक व न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच गया। हाल ही में एडीएम न्यायालय ने सुनवाई के बाद मकान मालिक पक्ष के पक्ष में फैसला सुनाते हुए दुकान खाली कराने के आदेश जारी किए थे।
उसी आदेश के अनुपालन में मंगलवार शाम तहसीलदार अभिषेक सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई शुरू होते ही किराएदार पक्ष की ओर से विरोध तेज हो गया। इसी दौरान सोमनाथ के पुत्र और पेशे से अधिवक्ता उमेश ने अचानक स्थिति को उग्र कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसने अपने पास रखे डीजल को पहले खुद पर डाला और फिर उसे रोकने पहुंचे पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर भी छिड़क दिया।
स्थिति को संभालने के प्रयास में दरोगा सारिक, दरोगा मनजीत और सिपाही संदीप सहित कई पुलिसकर्मी और अधिकारी डीजल से भीग गए। माहौल उस समय और खतरनाक हो गया जब अधिवक्ता ने माचिस जलाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत माचिस छीन ली और संभावित अग्निकांड को टाल दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल के पास ही एक ढाबा संचालित होता है, जहां आमतौर पर भट्ठी जलती रहती है। संयोग से घटना के समय भट्ठी बंद थी, अन्यथा डीजल के संपर्क में आने से आग तेजी से फैल सकती थी और पूरा क्षेत्र बड़ी दुर्घटना की चपेट में आ सकता था।
घटना के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिवक्ता उमेश, ढाबा संचालक विक्की और अन्य संबंधित लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान परिजनों और पुलिस के बीच तीखी कहासुनी भी देखने को मिली।
प्रशासन ने अंततः न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करते हुए संबंधित दुकानों को खाली कराकर उन पर सील लगा दी। तहसीलदार अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की गई है

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