लखनऊ, 8 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शासन ने बिना मान्यता संचालित स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत ऐसे सभी शिक्षण संस्थानों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो नियमों की अनदेखी कर संचालन कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कई जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल और कोचिंग सेंटर संचालित पाए गए हैं, जिनके पास आवश्यक मान्यता नहीं है या जो निर्धारित शैक्षिक और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों में न तो प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हैं और न ही छात्रों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हैं। इसे देखते हुए विभाग ने जिला स्तर पर सघन जांच के निर्देश जारी किए हैं।
अभियान के तहत गठित टीमें प्रत्येक जिले में स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का भौतिक सत्यापन करेंगी। इस दौरान संस्थान की मान्यता, भवन की स्थिति, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की योग्यता, छात्र-शिक्षक अनुपात और अन्य जरूरी मानकों की जांच की जाएगी। जिन संस्थानों में खामियां पाई जाएंगी, उन्हें नोटिस जारी कर सुधार का अवसर दिया जाएगा, जबकि गंभीर अनियमितता मिलने पर सीधे सील करने और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ संस्थान केवल नाम मात्र के स्कूल बनाकर अभिभावकों से फीस वसूल रहे हैं और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए इस बार अभियान को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पुलिस और प्रशासनिक सहयोग भी लिया जाएगा, ताकि कार्रवाई में किसी प्रकार की बाधा न आए।
