मेरठ/मुजफ्फरनगर/नई दिल्ली, 8 अप्रैल 2026। आम आदमी की रसोई पर बढ़ते खर्च के बीच अब पाइपलाइन से मिलने वाली घरेलू गैस (PNG) भी महंगी हो गई है। गैस वितरण करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दरों में संशोधन करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में कीमतें बढ़ा दी हैं। नई दर लागू होने के बाद मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली में PNG की कीमत बढ़कर 48.35 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) हो गई है, जो पहले 47.35 रुपये थी।
कंपनी द्वारा जारी संशोधित दरों के अनुसार यह बढ़ोतरी लगभग एक रुपये प्रति यूनिट की गई है, जिसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक गैस बिल पर पड़ेगा। जानकारी के अनुसार नई दरें अप्रैल माह की शुरुआत से प्रभावी कर दी गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को इस महीने से ही बढ़े हुए बिल का सामना करना पड़ेगा।
इस बढ़ोतरी ने खासतौर पर शहरी क्षेत्रों के उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, जो रोजमर्रा के खाना पकाने के लिए पाइप गैस पर निर्भर हैं। पहले से ही रसोई गैस (एलपीजी) के बढ़े दामों से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक और आर्थिक झटका माना जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और आयात लागत बढ़ने के कारण कंपनियों पर दबाव बना हुआ है। यही वजह है कि गैस वितरण कंपनियां समय-समय पर दरों में संशोधन कर रही हैं। इसका असर अब सीधे घरेलू उपभोक्ताओं पर दिखाई दे रहा है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी PNG की कीमतों में समान बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों—नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम—में भी उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों पर गैस मिल रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में रसोई खर्च में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच गैस के दामों में हो रही बढ़ोतरी से घरेलू बजट गड़बड़ा गया है। खासकर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा परिवारों के लिए मासिक खर्च संभालना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
