शामली/संभल। एक साधारण-सी लगने वाली गाड़ी बुकिंग ने दो जिंदगियों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। संभल जनपद से पिकअप लेकर निकले पिता-पुत्र की हत्या कर उनके शव शामली क्षेत्र में फेंक दिए गए। कई दिनों तक लापता रहने के बाद जब पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचकर एक आरोपी को दबोचा, तब इस पूरे हत्याकांड की साजिश सामने आई।
संभल जिले के धनारी थाना क्षेत्र के गांव भिरावटी मलुआ निवासी नरेश कुमार (लगभग 45 वर्ष) अपने पुत्र भीमसेन (लगभग 20 वर्ष) के साथ 2 मार्च की शाम घर से निकले थे। परिवार के अनुसार, नरेश को किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था, जिसने पिकअप गाड़ी बुक करने की बात कही। काम की उम्मीद में पिता-पुत्र बिना किसी शक के गाड़ी लेकर निकल पड़े। बताया गया कि रास्ते में दो युवक भी उनके साथ सवार हुए थे।
रात करीब 10 बजे नरेश की अपने घरवालों से आखिरी बार बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे गढ़ टोल प्लाजा के आसपास हैं और आगे बढ़ रहे हैं। इसके बाद अचानक दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। अगले दिन तक जब कोई संपर्क नहीं हुआ तो परिजनों की चिंता बढ़ गई और काफी तलाश के बाद धनारी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
मामले की जांच में जुटी पुलिस ने कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो मामला सामान्य गुमशुदगी से हटकर आपराधिक साजिश की ओर जाता नजर आया। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक पुलिस के हाथ लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जो कहानी बताई, उसने पुलिस को भी चौंका दिया।
आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले गाड़ी बुकिंग का झांसा देकर पिता-पुत्र को बुलाया। रास्ते में सुनसान स्थान पर ले जाकर दोनों की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए शामली जनपद के क्षेत्र में ले जाया गया और कोतवाली क्षेत्र के काबड़ौत पुल के पास फेंक दिया गया, ताकि पहचान में देरी हो और पुलिस तक मामला देर से पहुंचे।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पुल के आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया, जहां से दोनों शव बरामद कर लिए गए। शवों की स्थिति से स्पष्ट हुआ कि हत्या को कई दिन बीत चुके थे। पुलिस ने मौके से कुछ अहम साक्ष्य भी जुटाए हैं, जिनके आधार पर बाकी आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला लूट से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। आशंका है कि बदमाशों ने गाड़ी और नकदी हड़पने के इरादे से इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या पूर्व योजना का बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
