मुजफ्फरनगर। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की गांधी कॉलोनी में उस समय बखेड़ा खड़ा हो गया, जब बिजली विभाग की टीम चुपचाप स्मार्ट मीटर लगाने पहुंच गई। बिना किसी पूर्व सूचना के शुरू हुई इस कार्रवाई ने कुछ ही देर में विरोध का रूप ले लिया और गुस्साए लोगों ने टीम को घेरकर काम रुकवा दिया।
सुबह के समय विभागीय कर्मचारी कॉलोनी में पुराने बिजली मीटर उतारकर नए स्मार्ट मीटर लगाने लगे। शुरुआती कुछ घरों में मीटर बदल भी दिए गए, लेकिन जैसे ही यह बात आसपास के लोगों तक पहुंची, कॉलोनी में हलचल मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप था कि बिजली विभाग की ओर से न तो पहले कोई सूचना दी गई और न ही किसी प्रकार की सहमति ली गई। लोगों का कहना था कि इस तरह जबरन मीटर बदलना गलत है और इससे उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। विरोध के दौरान कर्मचारियों और लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे माहौल और ज्यादा गरमा गया।
महिलाओं ने भी मोर्चा संभालते हुए साफ कहा कि जब तक उन्हें स्मार्ट मीटर के फायदे और बिलिंग प्रणाली की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती, तब तक वे अपने घरों में मीटर नहीं लगने देंगी। कई लोगों ने यह आशंका भी जताई कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अनावश्यक बढ़ोतरी हो सकती है।
लगातार बढ़ते विरोध और भीड़ को देखते हुए बिजली विभाग की टीम को काम बीच में ही छोड़ना पड़ा और वे मौके से वापस लौट गई। घटना के बाद काफी देर तक कॉलोनी में लोगों का जमावड़ा लगा रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान सरकार की योजना के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पारदर्शी और सटीक बिलिंग सुनिश्चित करना है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर संवाद की कमी के चलते लोगों में असंतोष देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि जनपद में स्मार्ट मीटर को लेकर पहले भी कई जगहों पर विरोध सामने आ चुका है। ऐसे में यह साफ होता जा रहा है कि योजना को सफल बनाने के लिए प्रशासन को पहले लोगों के बीच विश्वास और जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।
