मुजफ्फरनगर, 9 अप्रैल 2026। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला कारागार मुजफ्फरनगर में विधिक जागरूकता एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ० सत्येन्द्र कुमार चौधरी, सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरनगर ने किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कारागार की पाकशाला, अस्पताल, पुरुष बैरक, महिला बैरक एवं बाल बैरक का जायजा लिया और वहां की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। इस दौरान दोषसिद्ध बंदियों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई।
डॉ० चौधरी ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और आश्वस्त किया कि यदि किसी बंदी को उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने में कोई कानूनी अड़चन आती है, तो वह अधीक्षक जिला कारागार के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन देकर सहायता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी मामलों में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
अधीक्षक जिला कारागार को निर्देशित किया गया कि ऐसे बंदियों की सूची तैयार कर प्राधिकरण को भेजी जाए, जिनके मामले ई-जेल लोक अदालत या जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित हो सकते हैं, ताकि उन्हें शीघ्र न्याय मिल सके। साथ ही, जिन बंदियों की जमानत याचिका अधीनस्थ न्यायालय से स्वीकृत हो चुकी है, उन्हें आवश्यक विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई।


इस अवसर पर आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी देते हुए बताया गया कि 9 मई 2026 (द्वितीय शनिवार) को दीवानी न्यायालय परिसर मुजफ्फरनगर, तहसील बुढाना, ग्राम न्यायालय जानसठ, खतौली तथा कलक्ट्रेट परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें आपराधिक मामलों, धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, टेलीफोन, बिजली-पानी बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व एवं सिविल वादों का निस्तारण किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने मामलों का त्वरित एवं सुलभ समाधान प्राप्त करें।

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