
मुजफ्फरनगर, 9 अप्रैल 2026। जनपद में अवैध व मानकों के विपरीत संचालित अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देशन में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने नगरीय क्षेत्र में निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान कुकड़ा रोड स्थित अलमासपुर चौक के पास संचालित ‘जीवन दाता हॉस्पिटल’ पूरी तरह अपंजीकृत पाया गया। अस्पताल में न तो कोई पंजीकृत चिकित्सक मौजूद था और न ही आवश्यक अभिलेख उपलब्ध थे। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया।
इसके बाद टीम ने अपेक्स हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, जहां सात बच्चे भर्ती मिले। जांच में सामने आया कि पंजीकृत चिकित्सक डॉ. अभिषेक यादव एक अप्रैल से अस्पताल में उपस्थित नहीं थे। साथ ही अस्पताल में कोई पंजीकृत बाल रोग विशेषज्ञ भी उपलब्ध नहीं था और छह अप्रैल के बाद से किसी विशेषज्ञ द्वारा मरीजों का निरीक्षण नहीं किया गया था। सबसे चिंताजनक तथ्य यह रहा कि बच्चों को बिना चिकित्सकीय निगरानी के भर्ती रखा गया था।
इन गंभीर खामियों को देखते हुए अपेक्स हॉस्पिटल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती बच्चों को तत्काल किसी मान्यता प्राप्त अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उनका सुरक्षित और उचित उपचार सुनिश्चित हो सके।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध अस्पतालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
