मुजफ्फरनगर। जनपद में बढ़ रही वाहन और नकदी चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके तीन सदस्यों को धर दबोचा। मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि तीसरे को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 7 फरवरी को सिविल लाइन क्षेत्र स्थित त्यागी धर्मशाला के निकट खड़ी एक कार का शीशा तोड़कर नकदी चोरी की गई थी। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।
बीती रात पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध बदमाश बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर क्षेत्र में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस दल पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें दो बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीसरे आरोपी को पुलिस ने मौके से दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुलिस द्वारा गोपनीय रखी गई है, हालांकि बताया गया कि वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न जनपदों में सक्रिय रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने त्यागी धर्मशाला के पास हुई नकदी चोरी की वारदात को स्वीकार किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य वाहन का शीशा तोड़कर नकदी और कीमती सामान पार करने की घटनाओं को अंजाम देते थे।
आरोपियों के कब्जे से करीब 40 हजार रुपये नकद, दो अवैध तमंचे 315 बोर, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद मोटरसाइकिल का उपयोग कई वारदातों में किया गया था।
