मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुजफ्फरनगर दौरा सोमवार को विकास योजनाओं के लोकार्पण और जनसभा के लिए अहम साबित हुआ। जहां एक ओर उन्होंने शहर को करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी, वहीं दूसरी ओर कड़ी सुरक्षा, काले कपड़ों पर रोक और एक विधायक को प्रवेश न मिलने की घटना ने पूरे कार्यक्रम को सुर्खियों में ला दिया।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही प्रशासन ने शहर को सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया था। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा और कई स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया। मुख्यमंत्री का काफिला शहर में प्रवेश करते ही सीधे अहिल्याबाई चौक पहुंचा, जहां उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर चौक का लोकार्पण किया। हाल ही में विकसित इस स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और कार्यक्रम को भव्य रूप दिया गया।
🏗️ मुख्यमंत्री योगी ने 951 करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास
मुजफ्फरनगर। जनपद को विकास की नई दिशा देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं का शिलान्यास किया। करीब 951 करोड़ रुपये की लागत से शुरू होने वाली इन योजनाओं का उद्देश्य जिले में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अहिल्याबाई होलकर चौक से विकास योजनाओं का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हर जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना है, ताकि आम जनता को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा किया जाए।

🚨 कड़ी सुरक्षा और ‘नो एंट्री’ से परेशानी
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई थी। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में बिना पास किसी को प्रवेश नहीं दिया गया। कई मार्गों पर “नो एंट्री” लागू रहने से आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और स्थानीय स्तर पर असंतोष भी देखने को मिला।

⚫ काले कपड़ों पर रोक बनी चर्चा का विषय
कार्यक्रम में एक और सख्त निर्देश लागू किया गया, जिसके तहत काले कपड़े पहनकर आने वाले लोगों को प्रवेश नहीं दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना था कि काले कपड़े विरोध प्रदर्शन का प्रतीक बन सकते हैं, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया। हालांकि, इस फैसले को लेकर लोगों में नाराज़गी भी सामने आई।
🚫 RLD विधायक को गेट से लौटाया गया
कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के विधायक गुलाम मोहम्मद को नुमाइश ग्राउंड में प्रवेश नहीं दिया गया। बताया गया कि उनका नाम अधिकृत सूची में शामिल नहीं था, जिसके चलते सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें मुख्य द्वार से ही वापस लौटा दिया। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी।

🧾 निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा, लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, प्रतिबंधों और एंट्री विवाद ने इसे और ज्यादा चर्चित बना दिया। जहां एक ओर शहर को करोड़ों की योजनाओं की सौगात मिली, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक सख्ती ने जनता और राजनीतिक वर्ग में सवाल भी खड़े कर दिए।
