मुज़फ्फरनगर, 18 फरवरी26। जिला आबकारी अधिकारी की अध्यक्षता में जिला आबकारी कार्यालय में जनपद के समस्त फुटकर एवं थोक मदिरा अनुज्ञापियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए लाइसेंस शुल्क, नवीनीकरण प्रक्रिया तथा देयताओं के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित की गई। जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि नई नीति के अंतर्गत देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप तथा भांग की दुकानों के लिए वर्ष 2026-27 हेतु निर्धारित वार्षिक न्यूनतम गारंटी कोटा, न्यूनतम गारंटी राजस्व, बेसिक लाइसेंस फीस, प्रोसेसिंग फीस और नवीनीकरण शुल्क का निर्धारण कर दिया गया है। सभी अनुज्ञापियों को इन बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी गई ताकि आगामी वित्तीय वर्ष में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में थोक अनुज्ञापनों की लाइसेंस फीस में किए गए संशोधनों से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नई शुल्क संरचना शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू होगी और इसका अनुपालन सुनिश्चित करना सभी लाइसेंसधारकों की जिम्मेदारी होगी।
जिला आबकारी अधिकारी ने फुटकर अनुज्ञापियों से अधिकाधिक दुकानों का समय से नवीनीकरण कराने की अपील की। साथ ही वर्ष 2025-26 की सभी लंबित देयताओं को तत्काल जमा कर शेष बकाया समाप्त करने के निर्देश दिए गए। नवीनीकरण की समय-सारणी समझाते हुए आवश्यक प्रपत्रों की तैयारी तथा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक के अंत में उपस्थित अनुज्ञापियों से प्रश्न आमंत्रित किए गए और मौके पर ही उनके समाधान प्रस्तुत किए गए। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि शासन की मंशा पारदर्शिता और सुगम प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
