सहारनपुर, 13 फरवरी 26। उत्तर प्रदेश में चर्चित तथाकथित ‘हाफ एनकाउंटर’ को लेकर सहारनपुर जनपद में न्यायिक हस्तक्षेप के बाद मामला तूल पकड़ गया है। देवबंद क्षेत्र में हाल ही में पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए आरोपियों के दावों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
देवबंद न्यायालय के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजीएम) परविंदर सिंह स्वयं जिला कारागार पहुंचे और वहां भर्ती बंदियों से विस्तृत बातचीत की। सूत्रों के अनुसार न्यायिक अधिकारी ने बंदियों से घटना की पूरी जानकारी ली और उनके बयान दर्ज किए।
घायल बंदियों का आरोप है कि उन्हें पेशी पर ले जाने के दौरान रास्ते से हटाकर सुनसान स्थान पर ले जाया गया और वहां पैरों में गोली मारी गई। बाद में इसे पुलिस मुठभेड़ का रूप दे दिया गया। बंदियों ने दावा किया कि घटना के बाद औपचारिक कागजी कार्रवाई पूरी कर ‘हाफ एनकाउंटर’ की कहानी प्रस्तुत की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय ने संबंधित प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि घटना को लेकर पहले भी उच्च न्यायालय स्तर पर सख्त टिप्पणियां की जा चुकी हैं, जिसमें पुलिस कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता और सुप्रीम कोर्ट की निर्धारित गाइडलाइंस के पालन पर जोर दिया गया था।
कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि मुठभेड़ की परिस्थितियां संदिग्ध पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई संभव है। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह विधि सम्मत थी और आरोप निराधार हैं।
