मुजफ्फरनगर, 19 फरवरी 2026। जनपद न्यायालय के निर्देशन में सदर तहसील परिसर में गुरुवार को विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें आमजन को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता योजनाओं तथा महिला-बाल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री वीरेन्द्र कुमार तथा सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती रीना पवार तथा विशिष्ट अतिथि मानव तस्करी विरोधी इकाई के थाना प्रभारी जय सिंह भाटी उपस्थित रहे। नायब तहसीलदार प्रीति ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
मुख्य अतिथि ने प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति फेस-5 के अंतर्गत महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए महिलाओं को सजग रहने का संदेश दिया। थाना प्रभारी जय सिंह भाटी ने आपातकालीन सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित बाल विवाह, बाल श्रम और भिक्षावृत्ति जैसे अपराधों के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
पैरालीगल वालंटियर गौरव मलिक ने 22 फरवरी को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सुजड़ू में प्रस्तावित मेगा विधिक शिविर की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों से लाभ उठाने की अपील की। साथ ही 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में बताया कि बैंक ऋण, यातायात, पारिवारिक व संपत्ति विवाद जैसे मामलों का निस्तारण सरल प्रक्रिया से कराया जा सकता है। उन्होंने निःशुल्क अधिवक्ता सुविधा एवं विधिक हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान बाल विकास परियोजना की ओर से उपस्थित गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण किट वितरित की गई। ‘जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन’ संस्था से जुड़े ग्रामीण समाज विकास केंद्र के गजेंद्र सिंह ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, बाल सेवा योजना व श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र व्यक्तियों को लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत उपस्थित जनसमूह को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई।
नायब तहसीलदार प्रीति ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सब इंस्पेक्टर जगत सिंह, हेड कांस्टेबल अमरजीत, पैरालीगल वालंटियर रजनी पवार, धनीराम, बबीता, प्रवेश तथा सदर तहसील के कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग रहा।
