नोएडा। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मिलावटी ईंधन और फर्जी पेट्रोल पंप संचालन से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।
एसटीएफ की नोएडा इकाई को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली दस्तावेजों के आधार पर पेट्रोल पंप खोलने के नाम पर ठगी कर रहे हैं और साथ ही अवैध रूप से मिलावटी पेट्रोल-डीजल की बिक्री भी कर रहे हैं। जांच के बाद टीम ने मैनपुरी जनपद के एक ग्रामीण इलाके में छापा मारकर पूरे खेल का खुलासा किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधेश्याम यादव (52 वर्ष) निवासी फिरोजाबाद और अंकित यादव (27 वर्ष) निवासी मैनपुरी के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों मिलकर फर्जी कंपनियों के नाम से पेट्रोल पंप खोलने के लिए नकली ‘अनुमति पत्र’ और लाइसेंस तैयार कर लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। साथ ही वे अवैध टैंकों में मिलावटी ईंधन संग्रह कर स्थानीय स्तर पर आपूर्ति भी कर रहे थे।
छापेमारी के दौरान टीम ने बड़ी मात्रा में संदिग्ध पेट्रोल-डीजल, नकली कागजात, मुहरें, कई पहचान पत्रों की प्रतियां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हो सकता है।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
