मुज़फ़्फरनगर (उत्तर प्रदेश) — ज़िले में भ्रष्टाचार और पुलिस विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा की अगुवाई में एक प्रभावशाली प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। सोमवार को थाना सिविल लाइन्स के सह-इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह ( उम्र 38 वर्ष ) को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर तुरंत निलंबित कर दिया गया।
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि लंबे समय से शहर के विभिन्न हिस्सों से यह शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि सह-इंस्पेक्टर सिंह अपनी पुलिसीय भूमिका का दुरुपयोग कर जनता के खिलाफ अनुचित लाभ ले रहे थे और अवैध धन का लेन-देन कर रहे थे।
सूचना के आधार पर एसएसपी कार्यालय ने एक गोपनीय विभागीय जांच का आदेश दिया, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई और पुलिस अधिकारी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिल गए।
जांच में यह सामने आया कि राजेश सिंह ने कई बार बिना औपचारिक कार्रवाई के ही व्यक्तिगत लेन-देन के नाम पर जनता से धन प्राप्त किया और कुछ मामलों में लोकल उद्यमियों और वाहन चालकों से अनुचित शुल्क वसूला। एसएसपी की निगरानी में बनी जांच टीम ने संबंधित साक्ष्यों और गवाहियों का विश्लेषण कर क़ानूनी दायरे में कार्रवाई की सिफ़ारिश की।
