मुज़फ्फरनगर। क्षेत्र के स्वामी कल्याण देव एस.डी. इंटर कॉलेज में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों का मंडलीय सम्मेलन आयोजित हुआ। सहारनपुर मंडल के विभिन्न जिलों से आए शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने साफ कहा कि विद्यालय प्रबंधन समितियों के पास पर्याप्त प्रशासनिक शक्तियाँ हैं, अब ज़रूरत है कि उनका उपयोग छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने में किया जाए।
मुख्य अतिथि राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन (संयुक्त शिक्षा निदेशक, सहारनपुर मंडल) ने कहा कि विद्यालय केवल इमारत या कागजी संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का केंद्र हैं। उन्होंने प्रबंधकों से आग्रह किया कि वे अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और तकनीकी संसाधनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दें।
विशिष्ट अतिथि राजेश श्रीवास (जिला विद्यालय निरीक्षक, मुज़फ्फरनगर) ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रबंध समिति, प्रधानाचार्य और शिक्षकों के तालमेल से संभव है। उन्होंने खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को भी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बताया।
सम्मेलन के दौरान कई प्रबंधकों ने विभागीय प्रक्रियाओं में देरी और आदेशों की अलग-अलग व्याख्या पर असंतोष जताया। इस संबंध में प्रतिनिधियों ने छह बिंदुओं का ज्ञापन अधिकारियों को सौंपते हुए पारदर्शी कार्यप्रणाली की मांग की।
कार्यक्रम में कुल भूषण जैन, राकेश शर्मा, अजय रॉयल, अनुज कुमार (वरुण सहरावत) तथा डॉ. करणवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ प्रबंधन की भूमिका को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाना रहा।
