मुजफ्फरनगर में विकास योजनाओं की रफ्तार और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए विकास भवन सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की कमान संभालते हुए डॉ. रूपेश कुमार ने साफ कर दिया कि अब काम का आकलन सिर्फ फाइलों से नहीं, जमीनी नतीजों से होगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर जनता की शिकायतें सुनें और मौके पर ही समाधान की दिशा तय करें।
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में सी और डी ग्रेड पाने वाले विभागों को तुरंत सुधार लाने की चेतावनी दी गई। लोक शिकायत (IGRS), समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, लोक निर्माण विभाग और एनआरएलएम की कार्यप्रणाली पर विशेष नजर रखने को कहा गया।
निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने, गुणवत्ता जांचने और पूर्ण कार्यों का हैंडओवर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सड़क चौड़ीकरण के बाद बीच में खड़े पोल हटाने, गड्ढामुक्त सड़क अभियान, शहर में अतिक्रमण हटाने, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और स्मार्ट मीटर कैंप लगाने जैसे मुद्दों पर भी सख्त रुख अपनाया गया।
फैमिली आईडी, किसान रजिस्ट्रेशन और स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालन की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि मंडलायुक्त के सभी निर्देशों को तय समयसीमा में लागू किया जाएगा।

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