किसानों के आंदोलन को लेकर दिए गए विवादित बयान में अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। आगरा की एमपी–एमएलए स्पेशल कोर्ट ने उस रिवीजन याचिका को मंजूरी दे दी है, जिसमें निचली अदालत द्वारा केस खारिज किए जाने का विरोध किया गया था। कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला दोबारा सुनवाई के लिए बहाल कर दिया गया है।मामला कंगना के एक इंटरव्यू से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि किसानों के आंदोलन के दौरान “रेप और मर्डर जैसी घटनाएँ हुई थीं।” किसानों ने इस बयान को अपमानजनक बताते हुए इसे देशद्रोह और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बताया था। इस आधार पर आगरा के एक अधिवक्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी।पहले निचली अदालत ने यह कहते हुए केस खारिज कर दिया था कि बयान देशद्रोह की श्रेणी में लाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। हालांकि वादी ने उस आदेश को चुनौती दी।रिवीजन पर सुनवाई करते हुए स्पेशल कोर्ट ने माना कि बयान सार्वजनिक मंच पर दिया गया था और इसका व्यापक प्रभाव पड़ा, इसलिए मामले की गहन जांच जरूरी है। कोर्ट ने निचली अदालत का निर्णय असंगत बताते हुए केस दोबारा खोलने का आदेश दिया।अब संभावित है कि कंगना रनौत को नोटिस भेजा जाए और अगली सुनवाई में साक्ष्यों की प्राथमिक जांच शुरू की जाए।
