मुजफ्फरनगर में संविधान दिवस पर हुई चंद्रशेखर आज़ाद की महारैली में 36 बिरादरियों की बड़ी भागीदारी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। रैली में सभी समाजों के युवाओं, किसानों, मजदूरों और महिलाओं की उपस्थिति ने इसे सिर्फ एक भीड़ नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता का संदेश बनाने का काम किया। मैदान में जगह न मिलने पर हजारों लोग बाहर खड़े होकर भी जुड़े रहे।
ऐसी व्यापक भागीदारी ने राजनीतिक गलियारों में यह सवाल गर्म कर दिया है कि क्या आजाद समाज पार्टी आने वाले समय में बड़ी ताकत बनकर उभर सकती है? रैली ने पार्टी के भविष्य को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

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