नई दिल्ली, 3 फरवरी 26। ऑस्ट्रेलिया के शहर मेलबर्न में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ कथित तोड़फोड़ और अपमानजनक छेड़छाड़ की घटना पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। घटना की जानकारी मिलते ही भारत ने इसे सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन से तत्काल जांच और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह प्रतिमा स्थानीय भारतीय समुदाय के सहयोग से स्थापित की गई थी और शांति, अहिंसा तथा मानवीय मूल्यों के प्रतीक के रूप में जानी जाती थी। हाल ही में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की सूचना सामने आने के बाद भारतीय मूल के लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। कई सामुदायिक संगठनों ने इसे न केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व का अपमान, बल्कि भारतीय विरासत के प्रति असम्मान बताया है।
भारत ने आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा है कि यह घटना दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की भावना के विपरीत है। मंत्रालय ने ऑस्ट्रेलिया स्थित भारतीय मिशन के माध्यम से मामला वहां की सरकार के समक्ष उठाया है। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे दोषियों की पहचान कर शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें और प्रतिमा की मरम्मत या पुनर्स्थापना के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
बताया गया है कि High Commission of India in Canberra लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और भारतीय समुदाय की सुरक्षा व भावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्थिति पर नजर रखे हुए है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय मूल के लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि वे इस मुद्दे पर न्यायपूर्ण कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशों में स्थापित भारतीय महापुरुषों की प्रतिमाएं केवल स्मारक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति का भी प्रतीक होती हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं संवेदनशील मानी जाती हैं और द्विपक्षीय स्तर पर गंभीरता से ली जाती हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की प्रगति पर करीबी नजर रखेगा और उम्मीद करता है कि ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन सांस्कृतिक सम्मान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा।
