मुज़फ्फरनगर में अंसारियान कब्रिस्तान की जमीन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मोहल्ला रामपुरी और लद्धावाला क्षेत्र के लोगों ने आरोप लगाया कि कब्रिस्तान की संपत्ति पर अवैध कब्जे की साजिश रची जा रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पूर्व प्रबंधक ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कब्रिस्तान की जमीन को निजी संपत्ति दर्शाने के लिए कथित रूप से एक फर्जी वसीयत तैयार कराई है।
लोगों का कहना है कि यह जमीन कई वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में है और समुदाय की आस्था का केंद्र होने के कारण किसी भी निजी दावे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोप यह भी है कि प्रबंधक पद से हटाए जाने के बाद आरोपी पक्ष ने जमीन पर रोक-टोक शुरू कर दी और दफन प्रक्रिया में दखल देने की कोशिश की, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
मामले को गंभीर बताते हुए प्रदर्शनकारी समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के नेतृत्व में एसडीएम सदर प्रवीण द्विवेदी से मिले। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष जांच और जमीन की सुरक्षा की मांग की। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि अदालत के निर्णय तक कब्रिस्तान की संपत्ति में कोई बदलाव नहीं होने दिया जाएगा तथा किसी भी तरह की ज़बरदस्ती पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

