लखनऊ/झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित CGST कमिश्नरेट कार्यालय में कथित रिश्वतखोरी नेटवर्क पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सुनियोजित ऑपरेशन के दौरान आईआरएस अधिकारी प्रभा भंडारी (डिप्टी कमिश्नर, CGST झांसी) के साथ-साथ दो राजस्व अधिकारियों, एक अधिवक्ता और एक कारोबारी समेत कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम —
• प्रभा भंडारी — IRS, डिप्टी कमिश्नर CGST झांसी
• अनिल तिवारी — CGST अधिकारी
• अजय कुमार शर्मा — CGST अधिकारी
• नरेश कुमार गुप्ता — अधिवक्ता (कथित बिचौलिया)
• राजू मंगतानी — कारोबारी
CBI के अनुसार टैक्स जांच और दंडात्मक कार्यवाही में राहत दिलाने” के बदले ₹1.50 करोड़ की रिश्वत मांग की जा रही थी। शिकायत सत्यापित होने पर एजेंसी ने ट्रैप बिछाया और टीम ने आरोपियों को कथित रूप से ₹70 लाख की पहली किश्त लेते समय गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद झांसी, लखनऊ और संबंधित स्थानों पर तलाशी में —
• लगभग ₹1.60 करोड़ नकद
• सोने-चांदी के आभूषण
• इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
• टैक्स केस से जुड़े दस्तावेज
बरामद किए गए, जिन्हें सीबीआई ने साक्ष्य के रूप में सील कर लिया।
एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि —
• कितने टैक्स मामलों में इस नेटवर्क की भूमिका रही
• किन कंपनियों/फर्मों को लाभ पहुँचाया गया
• क्या इसमें और अधिकारी शामिल थे
सभी आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद अदालत में पेश किया जा रहा है। बरामद डिजिटल डेटा का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा तथा संबंधित मामलों की पुन: जांच की संभावना से भी इंकार नहीं किया गया है।
CBI ने कहा कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है और आगे भी ऐसी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
