मुज़फ्फरनगर। आरडीएफ ईंधन और प्रदूषण विवाद को लेकर ज़िले में तनाव बढ़ गया है। किसान नेता राकेश टिकैत द्वारा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ चेतावनी देने के बाद पेपर मिल संचालक खुलकर सामने आ गए हैं। उद्योगपतियों ने कहा कि यदि बार-बार बाधा और दबाव डाला गया तो वे 1 जनवरी से उद्योग बंद करने को मजबूर होंगे।
बैठक में एसोसिएशन अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि आरडीएफ स्वच्छ कचरा प्रबंधन नीति का हिस्सा है और उद्योग तकनीकी मानकों के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न अथवा अनावश्यक कार्रवाई हुई तो उद्योगों की चाबियाँ प्रशासन को सौंप दी जाएंगी।
इस दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एडीएम संजय सिंह ने किसानों और उद्योगपतियों से अलग-अलग बातचीत कर शांति की अपील की। प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण व पर्यावरण परीक्षण रिपोर्ट तैयार कराने का निर्णय लिया है।
किसानों ने स्वास्थ्य व पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिक मुद्दा बताया, जबकि उद्योग जगत ने औद्योगिक गतिविधियों में अवरोध न डालने की मांग रखी।

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