लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रगति पोर्टल ने उत्तर प्रदेश में सरकारी कामकाज की तस्वीर बदल दी है। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण योजनाओं में होने वाली देरी, लागत में बढ़ोतरी और विभागीय लापरवाही पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सका है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रगति पोर्टल के माध्यम से अब हर बड़ी परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे न केवल समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है, बल्कि अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले जहां फाइलें महीनों तक लंबित रहती थीं, अब वहीं निर्णय प्रक्रिया में तेजी आई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से बुनियादी ढांचा, उद्योग, सड़क, ऊर्जा और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति मिली है। डिजिटल समीक्षा प्रणाली से समस्याओं की पहचान समय रहते हो जाती है, जिससे समाधान भी जल्दी निकलता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के कारण उत्तर प्रदेश निवेश और विकास के लिहाज से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। प्रगति पोर्टल को उन्होंने “सुशासन का मजबूत औजार” बताया।
