गुजरात। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ में आयोजित स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ भारत के खिलाफ होने वाले षड्यंत्रों के स्वरूप में भी बदलाव आया है। अब देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें प्रत्यक्ष युद्ध या हिंसा से नहीं, बल्कि विचारों, भ्रम और सामाजिक विभाजन के ज़रिये की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास में भारत की आस्था और संस्कृति को कई बार मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन हर चुनौती के बाद राष्ट्र और अधिक सशक्त होकर उभरा। उन्होंने कहा कि आज कुछ ताकतें इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही हैं, जिससे समाज में भ्रम और अविश्वास फैलाया जा सके।
अपने संबोधन में मोदी ने युवाओं और नागरिकों से अपील की कि वे झूठे प्रचार और नकारात्मक सोच से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता केवल अतीत की कहानी नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने वाली शक्ति है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज देश को सबसे ज्यादा जरूरत सामाजिक सौहार्द, आपसी विश्वास और राष्ट्रीय एकता की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की शक्ति उसकी सामूहिक चेतना और एकजुटता में निहित है, जिसे कोई भी साजिश कमजोर नहीं कर सकती।
कार्यक्रम के दौरान देश की सांस्कृतिक विरासत, स्वाभिमान और आत्मनिर्भर भारत की भावना को लेकर विशेष संदेश दिया गया।
