दिल्ली धमाके की जांच नई दिशा में पहुंच गई है, जब टीम को संदिग्ध उमर मोहम्मद और उसके साथी मुजम्मिल के ठिकाने से मिली डायरी ने कई रहस्यों से पर्दा उठा दिया। बरामद डायरी में 8 से 12 नवंबर के बीच दर्ज गतिविधियों ने जांच को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि इन तारीखों के साथ 25 अलग-अलग नामों का उल्लेख पाया गया है।ये खुलासे तब सामने आए जब जांच अधिकारी फरीदाबाद के धौज इलाके पहुँचे, जहाँ उमर कमरा नंबर-4 में और मुजम्मिल कमरा नंबर-13 में रह रहे थे। दोनों कमरों से विस्फोटक सामग्री, हस्तलिखित नोट्स और डिजिटल चैट रिकॉर्ड समेत कई अहम सबूत जब्त किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों संदिग्ध पहले व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क में थे, बाद में अपनी गतिविधियों को टेलीग्राम पर शिफ्ट कर चुके थे।एजेंसियों का मानना है कि डायरी में दर्ज नाम किसी नेटवर्क या संपर्क श्रृंखला की ओर संकेत करते हैं। अब जांच टीमें इन सभी नामों की पृष्ठभूमि, गतिविधियों और कनेक्शन की गहन छानबीन कर रही हैं, जिससे इस पूरे मॉड्यूल की सच्चाई उजागर हो सके।
