दिल्ली में हुए कार विस्फोट की जांच को आगे बढ़ाते हुए यूपी एटीएस ने कानपुर से डॉक्टर मोहम्मद आरिफ को हिरासत में लिया है। आरिफ कार्डियोलॉजी की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन जांच एजेंसियों को उसके संपर्क संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े मिले हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरिफ की बातचीत और संबंध उन दो चिकित्सकों—डॉ. परवेज और डॉ. शाहीन सिद्दीकी—से पाए गए हैं, जिन्हें इससे पहले इसी मॉड्यूल में हिरासत में लिया जा चुका है।एटीएस का मानना है कि यह समूह दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल IED और विस्फोटक सामग्री से जुड़े लॉजिस्टिक चैन का हिस्सा हो सकता है। टीम ने आरिफ के घर और डिजिटल उपकरणों की भी तलाशी ली है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसकी भूमिका मार्गदर्शन, फंडिंग या तकनीकी सहायता से जुड़ी थी या नहीं।जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी हैं।
