गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में भूमि पट्टा आवंटन में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गरीबों से पैसे लेकर पट्टा देने वाले अधिकारियों, लेखपालों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
करीब दो सौ फरियादियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। कई ग्रामीणों ने बताया कि पात्र होने के बावजूद उनसे पट्टा दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई, जबकि अपात्र लोगों को अवैध तरीके से जमीन का अधिकार दे दिया गया। इस पर योगी ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर ही जांच के आदेश दिए और कहा कि हर शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की नीति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) पर आधारित है और जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग को पारदर्शी व्यवस्था बनाने और डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट रखने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में आई एक महिला ने बेटी की शादी के लिए आर्थिक सहायता मांगी, जिस पर सीएम ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मदद दिलाने का आश्वासन दिया। कई लोगों ने इलाज से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिन पर सीएम ने अधिकारियों को तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख के बाद जिले में भूमि पट्टा से जुड़े पुराने मामलों की समीक्षा होगी और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई तय है। इस घटनाक्रम को प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
