
पिथौरागढ़ (उत्तराखंड)। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पतंजलि के “गाय के घी” पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिले में लिए गए नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद न्यायिक अधिकारी ने कंपनी और संबंधित कारोबारियों पर कुल ₹1.40 लाख का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों के अनुसार यह घी उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित श्रेणी में नहीं पाया गया।
जिला खाद्य विभाग की टीम ने शहर के एक प्रतिष्ठान से पतंजलि ब्रांड का घी सैंपल लेकर प्रथम चरण में रुद्रपुर स्थित राज्य प्रयोगशाला भेजा। रिपोर्ट में पाया गया कि घी में निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्धता नहीं है और उसमें ऐसे तत्व मौजूद हैं जो इसे “अनुचित श्रेणी” में ले जाते हैं। कंपनी की मांग पर नमूने को दोबारा केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला, गाजियाबाद भेजा गया, लेकिन यहां भी रिपोर्ट में वही खामियां सामने आईं।
इन दोनों रिपोर्टों को आधार बनाकर न्यायनिर्णायक अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए निर्माता कंपनी पर ₹1 लाख, वितरण से जुड़े एक कारोबारी पर ₹25 हजार, और दुकान संचालक पर ₹15 हजार का दंड लगाया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई तो अधिक कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं को सतर्क रहते हुए विश्वसनीय दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदने की अपील की है। विभाग ने बताया कि जिले में बाजार सर्वेक्षण और सैंपलिंग अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि उपभोक्ताओं तक मिलावटी या असुरक्षित उत्पाद न पहुंच सकें।
