मुज़फ्फरनगर। प्रशासनिक व्यवस्था को जमीन पर प्रभावी बनाने की दिशा में एक सशक्त उदाहरण उस समय देखने को मिला जब परवीन कुमार द्विवेदी, एसडीएम सदर, ने फरियादियों की शिकायतें सीधे खड़े होकर सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।
तहसील परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे थे। आमतौर पर लंबी प्रक्रिया से गुजरने वाली शिकायतों पर इस बार तेज प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। एसडीएम ने राजस्व, पेंशन, नामांतरण, भूमि विवाद और वोटर लिस्ट से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से सुना।
मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि “जनता को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें, हर शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।” कई मामलों में तत्काल रिपोर्ट तलब की गई, जबकि कुछ प्रकरणों में संबंधित लेखपाल व कानूनगो को मौके पर जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए।
सदर तहसील में इस तरह की सक्रिय कार्यशैली से फरियादियों में संतोष दिखाई दिया। लोगों ने कहा कि अधिकारी का इस तरह खड़े होकर सीधे संवाद करना भरोसा बढ़ाने वाला कदम है।
प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि यदि अधिकारी संवेदनशीलता और तत्परता दिखाएँ तो जनसमस्याओं का समाधान तेज़ी से संभव है।


