मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। थाना खतौली क्षेत्र में बीते 5 दिसंबर 2025 को हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस जांच निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। अदालत के आदेश पर मुख्य आरोपी कपिल उर्फ रावण (नियामू, थाना चरथावल) को 48 घंटे के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जिसके बाद कई अहम खुलासे हुए हैं।
पुलिस टीम ने उसकी निशानदेही पर लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, घटना में इस्तेमाल की गई अपाची बाइक और एक अवैध तमंचा बरामद किया। यह बरामदगी रिक्सावाला रोड के आसपास के क्षेत्र से की गई, जहाँ आरोपी ने माल छुपा रखा था।
घटना की रात मोहल्ला लाल मोहम्मद निवासी व्यापारी नासिर के घर पर आधी रात को नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोला था। परिवार को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर करीब ₹90 लाख मूल्य के जेवरात और नकदी लूट ली गई थी। वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी की थी, आने-जाने के रास्ते तय किए थे और भागने की योजना पहले से तैयार कर रखी थी। कपिल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि इस अपराध में उसके साथ पाँच अन्य साथी शामिल थे।
पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो अन्य आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी जमानत तुड़वाकर खुद को जेल भिजवा लिया था। अधिकारियों के अनुसार कपिल पर पहले से कई संगीन मामले दर्ज हैं और उसका आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है।
रिमांड खत्म होने के बाद आरोपी को पुनः न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, लेकिन पुलिस अब उसके भाई और अन्य सहयोगियों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है ताकि शेष लूट का माल और हथियार बरामद किए जा सकें।
जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारीयों ने भरोसा दिलाया है कि गिरोह का पूरा नेटवर्क जल्द सलाखों के पीछे होगा।
