मुज़फ्फरनगर, 5 फरवरी 26। खतौली तहसील परिसर इन दिनों अधिवक्ताओं के आंदोलन का केंद्र बना हुआ है। तहसील की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी और लंबित प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर वकीलों का धरना प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।
धरने का नेतृत्व तहसील बार एसोसिएशन खतौली के पदाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। बार अध्यक्ष नवीन उपाध्याय ने कहा कि तहसील स्तर पर कुछ प्रशासनिक व्यवस्थाएँ लंबे समय से ज्यों की त्यों बनी हुई हैं, जिनमें बदलाव की आवश्यकता है। उनका आरोप है कि व्यवस्थागत ढिलाई के कारण आम वादकारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बार महासचिव प्रदीप कुमार एडवोकेट ने बताया कि अधिवक्ताओं ने कई बार संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
धरने को समर्थन देने के लिए आसपास की तहसीलों के अधिवक्ताओं ने भी एकजुटता दिखाई। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया और इसे न्यायिक व्यवस्था की मजबूती से जुड़ा मुद्दा बताया।
उधर, तहसील प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, हालांकि सूत्रों का कहना है कि उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचा दिया गया है और वार्ता के प्रयास हो सकते हैं।
फिलहाल तहसील परिसर में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन अधिवक्ताओं के तेवर संकेत दे रहे हैं कि समाधान न निकलने पर आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

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