
मुज़फ्फरनगर । संविधान दिवस के मौके पर जीआईसी मैदान बुधवार को युवा ऊर्जा और राजनीतिक उत्साह का केंद्र बना रहा। आज़ाद समाज पार्टी की ओर से आयोजित जनसभा में जिले ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में युवा और समर्थक पहुंचे। भीड़ इतनी अधिक थी कि मैदान के बाहर तक वाहन और लोगों का जमावड़ा दिखाई दिया।
सभा में पहुंचते ही पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद का स्वागत नारेबाज़ी और तालियों के बीच किया गया। मंच पर आते ही उन्होंने हाथ में संविधान की प्रति उठाकर कहा कि “यह सिर्फ किताब नहीं, हमारी पहचान और अधिकारों की नींव है। इसे बचाने की लड़ाई अब हर गली-मोहल्ले तक जाएगी।” भीड़ ने उनकी इस घोषणा पर जोरदार प्रतिक्रिया दी।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी चर्चा तब बनी जब पूर्व विधायक शहनवाज़ राणा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी का साथ देने की घोषणा कर दी। उनके पार्टी में शामिल होने को राजनीतिक गलियारों में आज़ाद समाज पार्टी की बढ़ती पकड़ के रूप में देखा जा रहा है।
चंद्रशेखर ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक न्याय और बराबरी की आवाज़ को दबाने की कोशिशें अब नहीं चलेंगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि “जो अधिकार आपके हैं, उन्हें लेने के लिए सड़क पर उतरना अब ज़रूरी है।” इसके साथ ही उन्होंने जनवरी से प्रदेश के विभिन्न शहरों में बड़े पैमाने पर रैलियों की श्रृंखला शुरू करने का भी ऐलान किया।
सभा में मौजूद युवा समूहों ने रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जोर-शोर से नारे लगाए। कई छात्र संगठनों ने भी मंच के नीचे अपनी एकजुटता का संकेत दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी विशाल उपस्थिति आज़ाद समाज पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में युवाओं का बढ़ता रुझान आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, हालांकि भीड़ अधिक होने के कारण कुछ देर के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक धीमा रहा।
