मुजफ्फरनगर।जिले में तकनीकी शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सोमवार को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के प्राचार्य को फटकार लगाई। विकास भवन में हुई समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि शासन की मंशा युवाओं को रोजगारमुखी प्रशिक्षण देने की है, लेकिन आईटीआई में काम का स्तर बेहद निराशाजनक है।समीक्षा के दौरान पाया गया कि संस्थान में कई मशीनें खराब पड़ी हैं, प्रायोगिक कक्षाएं नियमित नहीं हो रहीं और विद्यार्थियों की उपस्थिति भी अत्यंत कम है। इस पर नाराज़ डीएम ने कहा —यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। अब जवाबदेही तय होगी, काम नहीं तो वेतन नहीं।जिलाधिकारी ने आईटीआई प्राचार्य को निर्देश दिए कि सभी ट्रेडों की मशीनें शीघ्र दुरुस्त कराई जाएं और प्रशिक्षण में व्यावहारिक शिक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने रोजगार विभाग को भी निर्देशित किया कि कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाई जाए।डीएम मिश्रा ने चेतावनी दी कि अगली समीक्षा बैठक में यदि सुधार नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।प्रशासनिक सख्ती के बाद आईटीआई स्टाफ में हड़कंप मच गया है और संस्थान में मरम्मत व रिकॉर्ड अपडेट का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है।
