जनपद के भोकरहेड़ी कस्बे में राजस्व विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक किसान परिवार ने तहसील में तैनात लेखपाल पर अवैध कब्जा हटवाने और अभिलेखीय कार्रवाई आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि महीनों से शिकायतें देने के बावजूद न तो जमीन को कब्जामुक्त कराया गया और न ही फाइल आगे बढ़ी।
पीड़ित राजेश और भीष्म पाल के अनुसार उनकी ग्राम सीकरी (मजरा योगेंद्रनगर) में स्थित करीब 16 बीघा कृषि भूमि पर दबंगों ने जबरन कब्जा कर रखा है। आरोप है कि जब वे इस संबंध में तहसील पहुंचे तो संबंधित लेखपाल ने जांच रिपोर्ट लगाने और पैमाइश की कार्रवाई करने के नाम पर मोटी रकम की मांग की। रिश्वत न देने पर फाइल को जानबूझकर लंबित रखा गया।
न्याय न मिलने से आहत परिवार ने अनोखा विरोध दर्ज कराते हुए अपने घर की दीवार पर “मकान बिकाऊ है” लिख दिया, ताकि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान खींचा जा सके। परिवार की महिलाओं बबली, अमृता और इशू ने भी खुलकर सामने आकर जल्द कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों और जनआंदोलन का रास्ता अपनाएंगी।
मामले को लेकर तहसील प्रशासन का कहना है कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जा रही है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लेखपाल के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीणों में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
