मुज़फ़्फ़रनगर (उत्तर प्रदेश), 20 जनवरी 2026 — शहर के भीतर स्थित रामराज कॉलोनी की महिलाओं ने आज सुबह 11 बजे से प्रशासनिक मुख्यालय के सामने एक संकल्पित प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काले-भूरे रंग के गंदे पानी से भरी बोतलें लेकर यह जताया कि पिछले लगभग 6–8 महीनों से उन्हें घरों में यही पानी पीने और उपयोग करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से शामिल रहीं स्थानीय महिलाएँ नीता देवी (45 वर्ष), सावित्री बाला (52 वर्ष), रति शर्मा (38 वर्ष) तथा श्यामली कुमारी (29 वर्ष) ने बताया कि इस पानी के कारण बच्चों में बार-बार पेट दर्द, उल्टी, त्वचा पर चकत्ते और लगातार खांसी जैसी समस्याएँ बढ़ने लगी हैं। कई परिवारों ने बताया कि रात के समय भी पानी से अजीब गंध आती है।
रामराज क्षेत्र में दूषित पानी का मुख्य कारण स्थानीय जल स्रोतों में हानिकारक तत्वों का मिलना बताया जा रहा है। महिलाओं का आरोप है कि नगरपालिका द्वारा समस्या को समय रहते नहीं सुलझाया गया, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान पहुँचे प्रदूषण नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता राजीव मिश्रा ने कहा कि अधिकारियों ने पहले ही क्षेत्र में जल गुणवत्ता के परीक्षण का आदेश दे दिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि 48 घंटों के भीतर रिपोर्ट और उसके आधार पर सुधारात्मक कदम शुरू किए जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें पर्याप्त साफ पानी की व्यवस्था नहीं दी गई तो वे आगे भी ऊँचे स्तर का आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
