मुज़फ़्फ़रनगर जिले में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए प्रशासन ने 18 ग्राम पंचायतों को मॉडल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने अधिकारियों, ग्राम-प्रधानों और सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चयनित पंचायतों में सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण हों, ताकि मॉडल ग्राम योजना का वास्तविक धरातल पर असर दिख सके।
सीडीओ ने कहा कि हर पंचायत में स्वच्छता मिशन शीर्ष प्राथमिकता होगा। घर-घर से कचरा उठाने, सेग्रीगेशन और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को मजबूती दी जाएगी। साथ ही ग्राम पंचायतों को अपने स्वयं के स्रोत राजस्व (OSR) बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया, जिसमें स्वच्छता कर और अन्य स्थानीय करों को लागू कर आर्थिक आधार मजबूत करने की बात कही गई।
उन्होंने साफ कहा कि जिन पंचायतों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहेगा, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि बाकी पंचायतों में भी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा हो।

