मुज़फ्फरनगर। जनपद मुज़फ्फरनगर में नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म और अवैध रूप से बंधक बनाए जाने के बहुचर्चित मामले में पॉक्सो न्यायालय ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी बालेन्द्र पुत्र संसार और हजारी पुत्र गिरवर को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है, जबकि सहआरोपी प्रेम को 5 वर्ष के कारावास की सज़ा दी गई है।
मामला थाना फुगाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां वर्ष 2023 में पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार आरोपियों ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर कई दिनों तक बंधक बनाए रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, बयान और अन्य साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए गए।
अदालत ने दोषियों पर अलग-अलग आर्थिक दंड भी लगाया है। विशेष न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा कि नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराध अत्यंत जघन्य हैं और ऐसे मामलों में नरमी समाज के लिए घातक हो सकती है। पुलिस व अभियोजन की सशक्त पैरवी के चलते दोषियों को कड़ा दंड मिल सका। यह फैसला भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
