
मुज़फ्फरनगर। शहर में जमानत प्रक्रिया के दौरान हुए बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने अधिवक्ता योगेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मामला कुख्यात अपराधी नीरज बाबा उर्फ चीता की जमानत से जुड़ा है, जिसमें एक ऐसे व्यक्ति को जमानतदार दिखाया गया था जिसकी मृत्यु वर्ष 2008 में हो चुकी है।
जांच के दौरान दस्तावेज़ों के सत्यापन में यह तथ्य सामने आने पर अदालत ने तुरंत जमानत आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अधिवक्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की और साक्ष्यों के आधार पर उसे जेल भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जमानत दस्तावेज़ों की तैयारी में कई स्तर पर अनियमितताएँ पाई गई हैं। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका है, जिनकी पहचान के लिए जांच टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
