मुज़फ्फरनगर / कोतवाली नगर। शहर के कोतवाली नगर क्षेत्र में रहने वाले युवक जावेद की आत्महत्या का मामला अब न्यायिक प्रक्रिया तक पहुँच गया है। परिजनों का कहना है कि जावेद ने यह कदम वैवाहिक तनाव, पत्नी के व्यवहार और ससुराल पक्ष द्वारा किए जा रहे मानसिक दबाव से परेशान होकर उठाया। परिजन आरोप लगाते हैं कि घटना के महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने के कारण उन्हें अदालत की शरण लेनी पड़ी।
परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जावेद का विवाह करीब आठ–नौ वर्ष पूर्व प्रेम विवाह के रूप में हुआ था। शादी के शुरुआती कुछ वर्ष सामान्य बीते, लेकिन बाद में घरेलू विवाद बढ़ने लगे। परिजनों का आरोप है कि घर में बाहरी व्यक्तियों के आने-जाने और पारिवारिक हस्तक्षेप के कारण जावेद मानसिक तनाव में रहने लगा।
घटना 22 जुलाई 2025 की बताई गई है, जब कहा-सुनी के बाद जावेद ने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि उन्होंने उस समय पूरी घटना की लिखित शिकायत, बयान व चिकित्सीय दस्तावेज पुलिस को सौंपे थे, मगर इसके बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। परिवार का आरोप है कि वे लगातार अधिकारियों के पास गुहार लगाते रहे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि न्याय के लिए उन्होंने अंततः अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है और मामले की सुनवाई निर्धारित तिथि पर होनी है। परिजन मांग कर रहे हैं कि जावेद की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा घटना से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।
परिजनों ने कहा कि जब तक जावेद की मौत की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, वे अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
