मेरठ (उत्तर प्रदेश)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) परिसर शनिवार रात उस समय रणक्षेत्र जैसा बन गया, जब आरके हॉस्टल में बीटेक और नॉन-बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 8 बजे बिजली कटौती के दौरान किसी छात्र के साथ अभद्रता को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गया।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला किया, कई कमरों के शीशे टूट गए और हॉस्टल में भगदड़ मच गई। कई छात्र मामूली रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हालात इतने बिगड़े कि बड़ी संख्या में छात्र नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य मार्ग से होते हुए कुलपति आवास तक पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन किया।
हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ सिविल लाइन्स अभिषेक तिवारी, मेडिकल थाना पुलिस और विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर पहुंची। चीफ प्रॉक्टर डॉ. वीरपाल सिंह ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति शांत कराई और परिसर में अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत जांच समिति गठित कर दी है, जिसमें वरिष्ठ प्राध्यापक, हॉस्टल अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। समिति आरके हॉस्टल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि हिंसा में शामिल छात्रों की पहचान की जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वाले छात्रों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, जिसमें निलंबन या निष्कासन भी शामिल हो सकता है। फिलहाल किसी भी पक्ष ने थाना स्तर पर लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन पुलिस एहतियातन गश्त बढ़ा दी है।
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय से मांग की है कि हॉस्टल में बेहतर बिजली व्यवस्था, सीसीटीवी कवरेज और सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
