नई दिल्ली। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं पूर्व आईएएस राज कुमार गोयल ने सोमवार को भारत के मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में विधिवत रूप से कार्यभार संभाल लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी, संवैधानिक पदाधिकारी और मंत्रालयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर सूचना का अधिकार कानून के तहत देश में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने की उम्मीद जताई गई।
राज कुमार गोयल का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय चयन समिति द्वारा किया गया था। इस समिति में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी सदस्य रहे। चयन के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर उनकी नियुक्ति को अंतिम रूप दिया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले मुख्य सूचना आयुक्त का पद सितंबर 2025 से रिक्त चल रहा था। नए मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के साथ ही केंद्रीय सूचना आयोग के कामकाज में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि बड़ी संख्या में आरटीआई मामलों की सुनवाई लंबित थी।
राज कुमार गोयल 1990 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं और एजीएमयूटी कैडर से संबंध रखते हैं। अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर कार्य किया।
वे केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं और इसके अलावा गृह मंत्रालय में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं। प्रशासनिक दक्षता और संवेदनशील मामलों को सुलझाने के अनुभव के चलते उन्हें यह महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व सौंपा गया है।
मुख्य सूचना आयुक्त का पद सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पद नागरिकों द्वारा दायर सूचना संबंधी अपीलों और शिकायतों पर अंतिम निर्णय लेने वाला सर्वोच्च स्तर होता है।
