रायबरेली। 28 जनवरी 2026।रायबरेली में मंगलवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए शैक्षणिक नियमों के विरोध में एक अनोखा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन सामने आया। शहर के घंटाघर चौराहे पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और छात्र समूहों के कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और विरोध स्वरूप स्थानीय सांसद एवं विधायकों को चूड़ियां भेजने का निर्णय लिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व रमेश बहादुर सिंह, जो स्वयं को युवा किसान मंच का जिला संयोजक बताते हैं, और महेंद्र पांडेय, सामाजिक न्याय जागरण समिति के अध्यक्ष, ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नए नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों के शैक्षणिक अवसर कम हो सकते हैं और चयन प्रक्रियाओं में असंतुलन बढ़ सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि “समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था” की मांग को लेकर है। उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षा से जुड़े किसी भी बड़े फैसले से पहले व्यापक संवाद किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। वहां प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट राजीव सिंह को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि UGC नियमों की समीक्षा कर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की राय ली जाए।
प्रदर्शन के दौरान कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित त्रिपाठी ने बताया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं हुई।
फिलहाल इस विरोध ने जिले की राजनीति और शैक्षणिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आगे और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
