लखनऊ, 3 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ को आधुनिक तकनीकी विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ इंटेलिजेंस सिटी विकसित करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। इस परियोजना के अंतर्गत शहर के एक बड़े हिस्से को उच्च प्रौद्योगिकी, डिजिटल सेवाओं और अनुसंधान गतिविधियों के लिए समर्पित क्षेत्र के रूप में तैयार किया जाएगा।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य ऐसा शहरी मॉडल बनाना है, जहाँ
— आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उद्योग
— तकनीकी प्रशिक्षण और अनुसंधान सुविधाएँ
— स्टार्टअप एवं इनोवेशन हब
— उन्नत डेटा प्रबंधन केंद्र
एक समेकित ढाँचे के अंतर्गत विकसित किए जाएँ।
योजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस सिटी को आधुनिक सूचना तंत्र, स्मार्ट मोबिलिटी, ऊर्जा-संरक्षण आधारित ढाँचे और तकनीकी उपयोग पर आधारित शहरी प्रणाली के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। यहाँ युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, तकनीकी प्रशिक्षण लैब और उद्योग साझेदारी मंच तैयार किए जाएँगे, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को सीधे रोजगार अवसरों से जोड़ा जा सके।
बताया गया है कि प्रस्तावित क्षेत्र में
✔️ टेक पार्क
✔️ अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र
✔️ उद्यमिता समर्थन इकाइयाँ
✔️ आधुनिक वाणिज्यिक परिसर
जैसी सुविधाएँ बहु-चरणीय विकास योजना के अनुसार स्थापित की जाएंगी।
आर्थिक दृष्टि से यह परियोजना प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके माध्यम से घरेलू व विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलने की संभावना जताई जा रही है। उद्योग जगत के अनुसार, इसके निर्माण से लखनऊ का स्थान आईटी और डिजिटल सेक्टर के उभरते शहरों में मजबूत हो सकता है।
शहरी विकास और तकनीकी विभाग संयुक्त रूप से परियोजना के विभिन्न खंडों पर काम कर रहे हैं। प्रारंभिक सर्वेक्षण एवं भूमि चिह्नांकन के बाद अब अवसंरचना मॉडल, निर्माण ब्लूप्रिंट और विकास एजेंसियों के चयन जैसी प्रक्रियाएँ आगे बढ़ाई जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंटेलिजेंस सिटी तैयार होने के बाद लखनऊ न केवल प्रशासनिक राजधानी के रूप में, बल्कि तकनीकी शिक्षा, नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के केंद्र के रूप में नई पहचान स्थापित कर सकता है।

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