महाराष्ट्र के वसई क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ समय से देर से स्कूल पहुँची एक छात्रा की हालत अचानक बिगड़ने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। घटना हनुमंत विद्या मंदिर स्कूल की बताई जा रही है, जहाँ कक्षा 6 में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा काजल गौंड को कथित तौर पर देर से आने पर कड़ी शारीरिक सज़ा दी गई थी।
परिवार का कहना है कि शुक्रवार की सुबह स्कूल पहुँचने में देरी हुई तो संबंधित शिक्षक ने बच्ची को 100 उठक-बैठक लगाने को कहा। आरोप यह भी है कि सज़ा के दौरान काजल के कंधों पर उसका भारी स्कूल बैग रखा गया, जिससे उसे तीव्र दर्द होने लगा। कुछ देर बाद बच्ची घर पहुँची, जहाँ उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
परिजनों ने पहले नालासोपारा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, मगर स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मुंबई के जे. जे. अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान काजल ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद परिवार और स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।
काजल के परिजन स्कूल प्रशासन और शिक्षक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहीं क्षेत्रीय संगठनों ने भी मामले में हस्तक्षेप कर न्याय की मांग उठाई है।
स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट और स्कूल में लगे सीसीटीवी की फुटेज इस मामले में अहम सबूत माने जा रहे हैं।
यह घटना स्कूलों में शारीरिक दंड की प्रथा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है और सुरक्षा-जवाबदेही को लेकर चिंता बढ़ाती है।
