जौनपुर। रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना में एक वृद्धा के बेटों ने अपनी माँ के निधन के बाद भी जिम्मेदारी उठाने से साफ इनकार कर दिया। वृद्ध महिला की मौत जिले के एक आश्रम में हुई, जहां वह लंबे समय से रह रही थीं। मौत की सूचना मिलते ही आश्रम प्रबंधन ने गोरखपुर में रह रहे बेटों को संपर्क किया, लेकिन दोनों ने शादी का हवाला देते हुए माँ का शव लेने से मना कर दिया।
परिजनों का कहना था कि घर में विवाह समारोह चल रहा है और ऐसे समय शव घर लाना “अपशकुन” होगा। कई बार समझाने के बावजूद बेटों ने न अंतिम दर्शन किए और न ही अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी स्वीकार की।
मामला बढ़ने पर आश्रम प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से विधिवत अंतिम संस्कार कराया और वृद्धा को सम्मानपूर्वक विदाई दी। इस घटना ने समाज में बढ़ती संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां रिश्तों से ज़्यादा तवज्जो रस्मों और दिखावे को दी जा रही है।
