शामली (UP)। शुक्रवार सुबह झाड़खेड़ी-कैराना मार्ग स्थित श्मशान घाट पर एक विचित्र और संवेदनशील घटना सामने आई, जिसमें दो महिलाओं को मानव अस्थियों के अवशेष उठाते हुए पकड़ा गया। यह घटना स्थानीय लोगों को धार्मिक भावनाओं से जुड़ी संवेदना का उल्लंघन महसूस करवाने वाली थी।
घटना तब उजागर हुई जब रामलाल (52, झाड़खेड़ी) ने अपने पिता की अंतिम क्रिया पूर्ण करने के बाद जब अस्थियां लेने पहुंचे तो पायी कि राख-अस्थियों में गड़बड़ी है। सूचना पर पुलिस की स्पेशल टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध गतिविधि देखते ही दो महिलाओं को हिरासत में लिया।
पुलिस ने गिरफ्तार महिलाओं की पहचान कलसुम (पति शब्बीर, 38 वर्ष, झाड़खेड़ी) और मुन्नी (पति यूसुफ, 41 वर्ष, रहमतनगर) के रूप में की। दोनों के कब्जे से राख-अस्थियों के अवशेष बरामद किए गए हैं। पहले पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह कार्य कुछ उपचारात्मक दावे और तांत्रिक मान्यताओं के आधार पर किया, क्योंकि उन्हें यह गलत जानकारी थी कि अस्थियों से कुछ रोग ठीक होते हैं।
कोतवाली पुलिस ने तुरंत चोरी और धार्मिक विधि अपमान के तहत मामला दर्ज किया तथा दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर अल्पेश यादव ने कहा, “हम धार्मिक स्थानों से जुड़ी किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लेते हैं। श्मशान घाट जैसी पवित्र जगह से अस्थियों को उठाना कानून के खिलाफ है और ऐसे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
घटना के बाद स्थानीय समुदाय में रोष है और लोग पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस भी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या किसी तांत्रिक या बाहरी दुवैत व्यक्ति ने इन महिलाओं को भ्रमित किया था, जिससे उन्हें इस तरह का कदम उठाने का विचार आया।
