
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए आसाराम की अंतरिम जमानत पर फिर से सख़्त रुख दिखाया है। अदालत ने पीड़िता के पिता से विस्तृत जानकारी मांगी है, क्योंकि परिवार ने दावा किया है कि जमानत मिलने के बाद आसाराम लगातार बाहर घूम रहे हैं और उनके व्यवहार में किसी गंभीर बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं देते।
पीड़िता के पिता ने कहा कि आसाराम के जेल से बाहर आने के बाद उनका परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जब वह जेल में थे, तो उन्हें सुरक्षा की उम्मीद थी, लेकिन अब उनका बाहर होना परिवार के लिए तनाव और डर का कारण बन गया है। पिता का कहना है कि स्वास्थ्य आधार पर दी गई जमानत वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाती।
2013 में दर्ज हुए इस बहुचर्चित मामले में 2018 में विशेष अदालत ने आसाराम को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। इसके बावजूद बीते वर्षों में उन्हें मेडिकल आधार पर कई बार अस्थायी राहत मिलती रही है।
अब सुप्रीम कोर्ट जमानत की वैधता पर दोबारा विचार कर रहा है। आने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि आसाराम की अंतरिम जमानत जारी रहेगी या रद्द कर दी जाएगी। यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
