मुजफ्फरनगर, 19 जनवरी 2026। जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से जिला चिकित्सालय परिसर स्थित सभागार में भव्य सम्मान समारोह आयोजित कर वर्ष 2024–25 में रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 41 सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना और मानव सेवा में योगदान देने वाली संस्थाओं का सार्वजनिक सम्मान करना था।
समारोह में बताया गया कि इन संस्थाओं के सहयोग से जिले में 73 रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन हुआ, जिससे ब्लड बैंक में रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित हुई और गंभीर मरीजों को समय पर जीवनरक्षक रक्त मिल सका। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे जिले की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही यह संभव हो पाया।
ब्लड बैंक के आंकड़ों के अनुसार मुनींद्र धर्मार्थ ट्रस्ट, शामली ने सर्वाधिक 627 यूनिट रक्तदान कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके बाद संत निरंकारी मंडल (465 यूनिट), एचडीएफसी बैंक (266 यूनिट), श्री कुंद-कुंद जैन इंटर कॉलेज, खतौली (218 यूनिट) और अमूल्य जीवन सेवा ट्रस्ट (200 यूनिट) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन प्रमुख संस्थाओं सहित कुल 41 संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय वर्मा रहे, जबकि ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. पी.के. त्यागी और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेश जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने सभी प्रतिनिधियों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
अपने संबोधन में डॉ. संजय वर्मा ने कहा कि “रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि जीवनदान है। समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था संभव नहीं है।” उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
डॉ. पी.के. त्यागी ने जानकारी दी कि वर्ष 2024–25 में मुजफ्फरनगर पूरे उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक रक्त संग्रह करने वाला जिला बना है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया।
डॉ. शैलेश जैन ने कहा कि रक्त की आवश्यकता कभी भी पड़ सकती है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान से जुड़ना चाहिए ताकि आपातकालीन स्थितियों में किसी भी मरीज को रक्त की कमी न हो।
कार्यक्रम के अंत में जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी रक्तदाता संस्थाओं, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी सहयोग की अपेक्षा की।