सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल से चोरी हुए नवजात को पुलिस ने दो दिन की तलाश के बाद हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। जनकपुरी पुलिस ने बच्चे की तलाश में सहारनपुर से लेकर हरियाणा और उत्तराखंड तक 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस आरोपी महिला तक पहुंची, जो एक निजी अस्पताल के बाहर बच्चे के साथ मिली। नवजात को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।जानकारी के अनुसार, देहात कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा कदीम निवासी नाजिम ने अपनी पत्नी शबाना को प्रसव के लिए रविवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे शबाना ने बेटे को जन्म दिया। सोमवार दोपहर नाजिम नवजात को टीका लगवाने के लिए अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के पास लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान एक महिला ने उनसे बातचीत शुरू की और बच्चे का टीका लगवाने की बात कहकर उसे अपनी गोद में ले लिया।महिला ने नाजिम से टीकाकरण का कार्ड लाने को कहा। नाजिम कार्ड लेने चले गए, लेकिन लौटकर आए तो महिला बच्चे समेत वहां से गायब थी। इसके बाद परिवार में चिंता फैल गई और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे की तलाश शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल और आसपास के रास्तों के अलावा हरियाणा तथा उत्तराखंड से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज के क्रम को जोड़ते हुए पुलिस हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र तक पहुंची। वहां एक निजी अस्पताल के बाहर आरोपी महिला बच्चे के साथ मिल गई। पुलिस ने नवजात को बरामद कर महिला को हिरासत में ले लिया।पुलिस पूछताछ में सामने आया कि महिला ने अपने मोहल्ले के लोगों को फोन करके बच्चे के जन्म की जानकारी दी थी। उसने बच्चे के लिए कपड़े खरीदे और दूध पिलाने के लिए बोतल भी ली थी। पुलिस के अनुसार, महिला बच्चे को अपने पास रखने के बाद किसी दूसरी महिला को सौंपने की तैयारी कर रही थी। जांच में यह भी पता चला कि महिला का अपना कोई बच्चा नहीं है और वह पति से अलग रह रही है। पुलिस घटना के पीछे की पूरी वजह और संभावित योजना की जांच कर रही है।बच्चे के मिलने की सूचना पर उसकी मां शबाना की आंखों से आंसू छलक पड़े। पुलिस ने जब नवजात को उनकी गोद में सौंपा तो उन्होंने उसे सीने से लगा लिया और दूध पिलाया। शबाना ने बताया कि वह दो दिन से ठीक से सो नहीं पाई थीं। बच्चे के गायब होने के बाद उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। नवजात के वापस मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली।